Saturday, August 27, 2011

महान गायक मुकेश जी की पुण्य तिथि (27 Aug) पर कुछ गीत --



छोटी सी है ज़िंदगानी


चन्दन सा बदन


वो तेरे प्यार का गम


डम डम डिगा डिगा


जिस दिल मे बसा था प्यार तेरा


ओ जाने वाले हो सके तो लौट के आना


चले जाना ज़रा ठहरो


सावन का महीना


कहीं करती होगी वो मेरा इंतज़ार


कभी कभी मेरे दिल मे


कोई जब तुम्हारा


आँसू भरी हैं


मेरा जूता है जापानी


ये मेरा दीवानापन


आ लौट के आजा मेरे मीत


दुनिया बनाने वाले


Sunday, August 21, 2011

मुझ से नाराज़ हो तो हो जाओ


कोई रूठ कर जाए.इससे पहले उसको मन लीजिये...
जिन्दगी उसके बिना पूरी न होगी....
एक गीत गा कर, उसको बुला लीजिये.....


--सुषमा 'आहुति'

Songs suggested by Mis Suhma Ahuti Ji




वो हैं ज़रा खफा खफा



रूठ न जाना तुम से कहूँ तो



रूठ के हम से कहीं जब चले जाओगे तुम



अजी रूठ कर अब




रूठे रूठे पिया-

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Tuesday, August 16, 2011

रात के हमसफर

भँवरे की गुंजन है मेरा दिल

एक अजनबी हसीना से ....

गुनगुना रहे हैं भँवरे

ए चाँद ज़रा छुप जा

जिंदगी देने वाले सुन

ए मेरे दिल कहीं और चल

टिम टिम ....

राते गुज़ार दी हैं तारों की रोशनी मे

मन धीरे धीरे गाये रे